Friday, December 29, 2017

बस एक ही उल्लू काफ़ी है बरबाद गुलिस्तां करने को

बस एक ही उल्लू काफ़ी है बरबाद गुलिस्तां करने को
हर शाख पे उल्लू बैठा है अंजामे गुलिस्तां क्या होगा

(Only one owl is sufficient to ruin a garden
when there is a owl at every branch 
God only knows the fate of garden)
(Poet: Not known)

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